Petrol Car की Mileage बढ़ाने के 10 आसान तरीके बिना Extra खर्च के!

Petrol Car Mileage कम दे रही है? अपनाएँ ये Tips और पाएँ Extra Kilometer हर लीटर में!

पेट्रोल कार की माइलेज बढ़ाना हर कार ओनर का सपना होता है, खासतौर पर तब जब पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। माइलेज यानी एक लीटर पेट्रोल में कार कितनी दूरी तय करती है, सीधा आपके खर्चे और कार के मेंटेनेंस से जुड़ा मुद्दा है। तकरीबन 800-1000 शब्दों में यहाँ विस्तार से बताया गया है कि कैसे आप अपनी पेट्रोल कार की माइलेज को बेहतर बना सकते हैं, और किन बातों पर ध्यान देकर हर रिफिल पर ज़्यादा सफर तय कर सकते हैं।

1. रेगुलर मेंटेनेंस और सर्विसिंग

कार की रेगुलर सर्विसिंग सबसे महत्वपूर्ण है। जब आप इंजन ऑयल, एयर फिल्टर, और स्पार्क प्लग समय पर बदलवाते हैं, तो इंजन स्मूद चलता है और पेट्रोल पूरी तरह बर्न होता है, जिससे माइलेज बेहतर मिलता है। गंदा एयर फिल्टर पेट्रोल की खपत बढ़ा सकता है और खराब स्पार्क प्लग से पिक-अप और एफिशिएंसी दोनों में गिरावट आ सकती है। सिर्फ सर्विस शेड्यूल फॉलो करके ही 15-20% तक की माइलेज बढ़ाई जा सकती है।

2. टायर प्रेशर की सही देखरेख

कई लोग टायर प्रेशर को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर टायर में प्रेशर कम होगा तो रोलिंग रेसिस्टेंस ज्यादा बढ़ेगा और इंजन को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, यानी पेट्रोल ज्यादा जलेगा। हफ्ते में एक बार टायर प्रेशर ज़रूर चेक करें, और उसे कंपनी के बताए मान के मुताबिक रखें। ओवर-इंफ्लेटेड टायर भी सेफ्टी और हैंडलिंग के लिहाज़ से सही नहीं हैं, इसलिए संतुलित प्रेशर बनाए रखना जरूरी है। Tyre Pressure Monitor Device

3. ड्राइविंग स्टाइल में बदलाव

माइलेज का सीधा संबंध आपकी ड्राइविंग आदतों से भी है। बार-बार तेज गति से एक्सेलरेट करना, बिना वजह अचानक ब्रेक लगाना और ट्रैफिक में बार-बार क्लच दबाए रखना ये सब आदतें फ्यूल खर्चा बढ़ा देती हैं। कोशिश करें कि ट्रैफिक में पर्याप्त दूरी रखें, स्मूथ ऐक्सलेरेशन और ब्रेकिंग करें, और जितना हो सके एक ही गति से कार चलाएं।

क्रूजिंग स्पीड बनाए रखें

60-80 kmph की स्पीड पेट्रोल कारों में अक्सर सबसे अच्छी माइलेज देती है। तेज गति पर इंजन अधिक फ्यूल लेता है जबकि बहुत कम पर कार को बार-बार गियर बदलने पड़ते हैं, जिससे पेट्रोल खर्च होता है।

गियर शिफ्टिंग सही तरीके से

पेट्रोल कार में सही आरपीएम (2000-2500) पर गियर बदलना चाहिए। बहुत हाई आरपीएम पर ड्राइव करेंगे तो इंजन पर दबाव बढ़ेगा, बहुत लो आरपीएम पर करने से किक-डाउन की ज़रूरत पड़ेगी दोनों ही सूरतों में माइलेज कम होगी।

4. कार का वजन कम करें

कार का जितना ज्यादा वजन होगा, उसे खींचने के लिए उतनी ही ताकत और पेट्रोल लगेगा। बिना ज़रूरत भारी सामान निकाल दें, बूट को खाली रखें, और एक्सेसरीज़ या रैक आदि अगर इस्तेमाल में न हों तो हटा दें। हल्की कार इंजन की ताकत को बेहतर तरीके से यूज कर पाती है और माइलेज में फर्क साफ नजर आता है।

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5. एयर कंडीशनर और इलेक्ट्रिकल का सीमित इस्तेमाल

एसी चलाने से पेट्रोल कार की फ्यूल एफिशिएंसी 10-20% तक कम हो जाती है, खासतौर पर शहर में कम स्पीड पर ड्राइव करते वक्त। कोशिश करें कि कम स्पीड पर खिड़कियां खोल लें और हाईवे पर ही एसी का इस्तेमाल करें। साथ ही, बिना आवश्यकता लाइट्स, डीफ़ॉगर, म्यूजिक सिस्टम, या अन्य इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स का फालतू उपयोग न करें।

6. पेट्रोल की क्वॉलिटी पर ध्यान दें

हमेशा भरोसेमंद और अच्छी क्वालिटी वाले पेट्रोल पंप से ही फ्यूल भरवाएं। नकली या मिलावटी पेट्रोल से केवल माइलेज ही नहीं, बल्कि इंजन भी खराब हो सकता है। बेहतर क्वालिटी का फ्यूल इंजन को फुल पीक परफॉर्मेंस देता है और लंबी अवधि में कार के जीवन को भी बढ़ाता है।

7. इंजन को बेवजह ना चलने दें

अगर आप कहीं ट्रैफिक सिग्नल या जाम में 1 मिनट से ज़्यादा खड़े हैं, तो इंजन बंद कर दीजिए। आइडलिंग में इंजन फ्यूल बिथ रिटर्न देता है और माइलेज घटती जाती है। मॉडर्न कारों में डाले गए स्टार्ट-स्टॉप फीचर इसी वजह से आते हैं, जिन्हें मैन्युअली फॉलो करें तो माइलेज पर बढ़िया असर पड़ता है।

8. फ्यूल कैप हमेशा टाइट रखें

छोटा टिप है पर काफी असरदार अगर फ्यूल कैप ढीली हो तो पेट्रोल वाष्पित (evaporate) हो सकता है या नेगेटिव प्रेशर बनेगा, जिससे पेट्रोल वेस्ट होगा। हर बार रिफ़िल के बाद फ्यूल कैप अच्छी तरह से टाइट करें।

9. एक्स्ट्रा फीचर्स की लिमिट

कार में बहुत सारे ऑलॉय व्हील, चौड़े टायर, डबल बॉडी किट, एक्सट्रा रैक इन सबकी वजह से वजन और रेसिस्टेंस बढ़ता है। अपनी कार को सिंपल रखें तो माइलेज में रिज़ल्ट नज़र आ जाएगा।

10. टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

कई नई कारों में ड्राइविंग फीडबैक, माइलेज डैशबोर्ड, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग, या रियल-टाइम एफिशिएंसी रिपोर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं। उनका इस्तेमाल करें, क्योंकि ये आपके ड्राइविंग पैटर्न और कार की वर्तमान स्थिति के बारे में आपको तुरंत अलर्ट करते रहेंगे।

निष्कर्ष

अगर आप उपर बताए गए नियम सही ढंग से फॉलो करते हैं, तो न सिर्फ पेट्रोल की बचत होगी बल्कि आपकी कार की लाइफ, परफॉर्मेंस और मेन्टेनेंस खर्च भी कंट्रोल में रहेगा। आखिरकार, माइलेज बढ़ाने की असली चाबी स्मार्ट ड्राइविंग और ध्यान रखने की आदतों में ही छुपी है।

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