ADAS एक Smart Driving System है जो आपकी Car को Accident से बचाने में मदद करता है जानिए कैसे काम करता है ये Modern Safety Feature।
अभी के समय में कोई व्यक्ति कार खरीदने से पहले ये जरूर देखता है कि उनके कार में Advanced Driver Assistance System (ADAS) है या नहीं। ADAS कारों में लगाई जाने वाली एक ऐसी तकनीक है जो ड्राइवर की मदद करती है सुरक्षित और आरामदायक ड्राइविंग में। ADAS का मुख्य मकसद कार के संचालन में होने वाली इंसानी गलतियों को कम करना और रोड पर सुरक्षा बढ़ाना है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ADAS क्या हैं और इसके क्या क्या फायदे हैं।
ADAS क्या है?
ADAS तकनीक सेंसर, कैमरे, राडार और लिडार जैसी एडवांस तकनीकों का उपयोग करती है, जो वाहन के आस-पास के वातावरण को सेंसेस करती हैं। ये डेटा एक कंप्यूटर प्रोसेसर में भेजा जाता है, जो तेजी से उसे प्रोसेस कर ड्राइवर को जरूरी चेतावनी देता है या आवश्यक होने पर वाहन के कुछ नियंत्रण भी अपने आप ले लेता है। ये प्रणाली इंसानी त्रुटियों को कम कर दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करती है।
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ADAS के फायदे
- ADAS ड्राइवर को संभावित खतरों की जानकारी देता है, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या कम होती है।
- ड्लेन कीप असिस्ट, अधूरे स्पीड कंट्रोल जैसे फीचर्स से ड्राइविंग कम थकाऊ और आसान बनती है।
- अगर ड्राइवर समय पर प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो ADAS ब्रेक लगा सकता है या स्टेयरिंग को कंट्रोल कर सकता है।
- ADAS भविष्य में पूर्ण स्वचालित (autonomous) ड्राइविंग के लिए आधार बनाता है।
ADAS की मुख्य तकनीकें और फीचर्स
1. लेन डिपार्चर वार्निंग (LDW): जब वाहन अपने लेन से अनजाने में बाहर आता है, तो ड्राइवर को चेतावनी देता है।
2. ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन (BSD): पीछे या साइड के अंधे हिस्सों में वाहन होने पर अलर्ट करता है।
3. फॉरवर्ड कॉलिजन वार्निंग (FCW): सामने की कार से टकराव होने की संभावना होने पर चेतावनी देता है।
4. ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB): जरूरत पड़ने पर वाहन को अपने आप ब्रेक लगाकर टक्कर से बचाता है।
5. एडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल (ACC): ट्रैफिक के अनुसार कार की स्पीड अपने आप एडजस्ट करता है।
6. नाइट विजन: कम रोशनी या रात में सड़क की बेहतर विज़िबिलिटी देता है।
7. ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम: ड्राइवर की थकान या ध्यान भटकने पर अलर्ट करता है।
8. पार्किंग असिस्ट: पार्किंग के दौरान वाहन को सही दिशा देने में मदद करता है।
ADAS कैसे काम करता है?
ADAS सिस्टम में सेंसर, कैमरे, और राडार वाहन के आसपास की जानकारी एकत्र करते हैं। ये डाटा सोर्सेज एक साथ मिलकर वाहन के कंप्यूटर सिस्टम में जोड़ दिए जाते हैं, जहां AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से इसका विश्लेषण किया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई अचानक सड़क पर आता है, तो सिस्टम ड्राइवर को तुरंत सिग्नल भेजता है या ब्रेक लगा कर दुर्घटना को टालने की कोशिश करता है।
क्या भारत के सड़कों पर ADAS की जरूरत है।
भारत की बढ़ती सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक और दुर्घटना दर को देखते हुए ADAS तकनीक बहुत ही उपयोगी साबित हो रही है। कई वाहन निर्माता अब अपने नए मॉडल्स में ADAS फीचर्स को शामिल कर रहे हैं ताकि ड्राइविंग सुरक्षित और आसान हो सके। ADAS भविष्य की स्मार्ट और ऑटोनॉमस ड्राइविंग की दिशा में पहला कदम है।
ADAS Levels
- लेवल 1: बेसिक असिस्टेंट सिस्टम जैसे टायर प्रेशर मॉनिटरिंग, ट्रैक्शन कंट्रोल।
- लेवल 2: लेन कीप, एडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल जैसे फीचर्स, लेकिन ड्राइवर ध्यान दे।
- लेवल 3-5: समर्पित स्थिति में सेल्फ-ड्राइविंग, पूरी तरह ऑटोनॉमस ड्राइविंग की ओर कदम।
निष्कर्ष
ADAS आधुनिक कारों की सुरक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है, जो न केवल दुर्घटनाओं को कम करता है बल्कि ड्राइविंग को भी आसान और सुरक्षित बनाता है। यह तकनीक जल्द ही सामान्य हो जाएगी और पूरी तरह से स्वचालित ड्राइविंग के रास्ते खोलेगी। अगर आप अपनी अगली कार चुन रहे हैं, तो ADAS के फीचर्स जरूर देखें, क्योंकि ये आपके और आपकी फैमिली की सुरक्षा का पहला कवच हैं। लेकिन आपको ADAS वाले वैरिएंट्स के लिए थोड़ा ज्यादा पैसा देना पड़ेगा।

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